वैष्णो देवी चालीसा का पाठ करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।वैष्णो देवी की कृपा से विवेक की प्राप्ति होती है।वैष्णो देवी चालीसा के प्रभाव से इंसान धनी बनता है,वो तरक्की करता है। वो हर तरह के सुख का भागीदार बनता है,उसे कष्ट नहीं होता। वैष्णो देवी की कृपा मात्र से ही इंसान तकलीफों से दूर हो जाता है ।
शारदा चालीसा का पाठ करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।शारदा माता की कृपा से सिद्धि-बुद्धि,धन-बल और ज्ञान-विवेक की प्राप्ति होती है। शारदा माता के प्रभाव से इंसान धनी बनता है, वो तरक्की करता है। वो हर तरह के सुख का भागीदार बनता है। शारदा माता की कृपा मात्र से ही इंसान सारी तकलीफों से दूर हो जाता है।
कामाख्या चालीसा का पाठ करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।कामाख्या माता की कृपा से धन-बल की प्राप्ति होती है।कामाख्या माता के प्रभाव से इंसान धनी बनता है,वो तरक्की करता है। वो हर तरह के सुख का भागीदार बनता है,उसे कष्ट नहीं होता। कामाख्या माता की कृपा मात्र से ही इंसान तकलीफों से दूर हो जाता है ।
मनसा देवी चालीसा का पाठ करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। मनसा देवी माता की कृपा से सिद्धि की प्राप्ति होती है। मनसा देवी के प्रभाव से इंसान धनी बनता है,वो तरक्की करता है। वो हर तरह के सुख का भागीदार बनता है, कष्ट नहीं होता। मनसा माता की कृपा मात्र से ही इंसान सारी तकलीफों से दूर हो जाता है।
धन के देवता कुबेर कहे जाते हैं जो सभी देवताओं के कोषाध्यक्ष भी हैं, कुबेर शिव के प्रिय सेवक कहे गए हैं। इन्हें मंत्र साधना द्वारा प्रसन्न करने का विधान है। सभी मंत्रों से भिन्न,कुबेर मंत्र को दक्षिण की और मुख करके सिद्ध करने की परंपरा हैतो वहीं नियमित रूप से इनकी चालीसा पढ़ने से धन की कमी नहीं रहती।