मीन का स्वामी बृहस्पति द्वादश भाव में रहना आपके लिए शुभ है।सुख भाव पर दृष्टि होने से आपके भौतिक सुखों में बढ़ोतरी होगी।माता के साथ संबंध सुधरेंगे। मातृ पक्ष की ओर से धन की प्राप्ति हो सकती है। रोग और शत्रु भाव पर बृहस्पति की दृष्टि के परिणामस्वरूप रोग दूर होंगे।नौकरीपेशा के लिए यह माह महत्वपूर्ण है।
राशि स्वामी शनि इसी राशि में है जो आपके भाग्य को प्रबल बना रहा है। शनि की दृष्टि तृतीय, सप्तम और दशम पर होने से कामकाज व्यवस्थित तरीके से चलेंगे। बाधा दूर होगी। किंतु दांपत्य जीवन के लिए यह माह थोड़ा उठापटक वाला रहेगा। संबंधों को लेकर सतर्क रहें। अपनी बात मनवाने के प्रयास करेंगे तो संबंध खराब होंगे।
मई माह इस वर्ष अब तक का सबसे अच्छा महीना साबित होगा। कौन आपका है और कौन नहीं स्पष्ट हो जाएगा। साथ देने वाले साथ देंगे और नहीं देने वाले नहीं देंगे।इस प्रकार कहा जा सकता है यह माह आंखें खोलने वाला रहेगा। राशि स्वामी शनि द्वितीय भाव में रहने से धन की आवक भरपूर करवाएगा। अनेक साधनों से धन अर्जित करेंगे।
बृहस्पति मेष राशि में रहते हुए आपके पंचम स्थान में गोचर करेंगे। यहां से इनकी दृष्टि नवम, एकादशी और लग्न पर होगी। शुभ फल प्राप्त होंगे। आपका भाग्य प्रबल रहेगा। जो कार्य प्रारंभ करेंगे वह पूर्णता को प्राप्त होगा। संयम और सदाचार में वृद्धि होगी। लोग प्रभावित होंगे। आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेंगे।
मंगल का गोचर मिथुन और कर्क राशि में होगा। 10 मई तक के समय में बहुत सतर्क रहते हुए कार्य करना होगा। आपके गुप्त शत्रु सक्रिय हो रहे हैं जो आपको शारीरिक और धन की हानि पहुंचा सकते हैं। नया निवेश करते समय भी सतर्क रहना होगा। प्रॉपर्टी से संबंधित किसी दस्तावेज पर साइन करते समय पूरे कागज अच्छे से पढ़ लें।
राशि स्वामी शुक्र का गोचर इस पूरे माह बुध की राशि मिथुन में रहेगा। तुला राशि के लिए यह भाग्य भाव में रहेगा और इसकी दृष्टि तृतीय पर रहेगी। यह माह आपके लिए नए अवसर लेकर आ रहा है। मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, प्राप्त रहेंगी। भाग्य प्रबल रहेगा और आपके सारे काम पलक झपकते हो जाएंगे किसी में बाधा नहीं आएगी।
राशि स्वामी बुध इस पूरे माह मेष राशि में गोचर करते हुए अष्टम भाव में गोचर करेगा।बुध का अष्टम में होना शारीरिक सुख प्रदान करेगा। संकट कम होंगे। शारीरिक रोग दूर होंगे। अष्टम में बैठकर इसी पूर्ण दृष्टि द्वितीय भाव पर रहेगी।धन और वाणी दोनों के लिए यह शुभ होगा। आपकी बोली और व्यवहार से लोग प्रभावित होंगे।
सिंह राशि का स्वामी सूर्य 15 मई से वृषभ राशि में गोचर करेगा। उससे पहले मेष राशि में बुध, गुरु और राहु के साथ चतुर्ग्रही योग बना हुआ है। इसके प्रभाव से सिंह का प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा। बुध साथ होने से बुधादित्य का फल मिलेगा,गुरु साथ होने से सम्मान, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। संकट का समय टल गया है।
कर्क जातकों के मई 2023 सुखद और नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला रहेगा। विभिन्न ग्रहों के साथ युतिबनाकर राशि स्वामी चंद्र विभिन्न प्रकार के फल प्रदान करेगा।माह के प्रथम दो सप्ताह शारीरिक रूप से कमजोर और मानसिक रूप से भ्रमित रहेंगे। किडनी से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इससे मस्तिष्क विचलित होगा।
बुध मेष राशि में गोचर करते हुए आपके एकादशी स्थान में बैठेगा। इसकी संपूर्ण दृष्टि पंचम भाव पर होने वाली है। संतान के मामले में यह माह आपके लिए सर्वश्रेष्ठ है। इन सभी बातों से जुड़े काम तेज गति से होंगे। धन के अभाव में जो काम अटक रहे थे वे जल्द ही पूरे होने वाले हैं। नए-नए माध्यमों से धन की आवक होगी।
शुक्र का गोचर इस पूरे माह मिथुन में होने वाला है। यह आपके द्वितीय भाव में गोचर करेगा और प्रथम और षष्ठम भाव का स्वामी रहेगा। मई तक शुक्र-मंगल की युति होने से प्रेम संबंध प्रगाढ़ होंगे। महिला-पुरुषों के अन्य संबंध भी बन सकते हैं। हालांकि शुक्र का गोचर धन संपत्ति सुख के मामले में अच्छा रहने वाला है।
मई के प्रारंभिक दस दिनों तक राशि स्वामी मंगल का गोचर मिथुन में होगा और 10 मई से यह कर्क में जाएगा। इसके बाद पूरे माह यह कर्क में रहेगा। मंगल आपके तृतीय और चतुर्थ भाव में रहते हुए पहले और आठवें भाव का स्वामी रहेगा। काम में तेजी तो आएगी लेकिन परिवार की तरफ से कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।